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Jind News: गांव में खुली लाइब्रेरी बेटियों के लिए बनी वरदान, लाइब्रेरी में पढाई कर छह बेटियां लगी सरकारी नौकरी

गांव में दो साल पहले बेटियों की कोचिंग के लिए शुरू की गई लाइब्रेरी अब सफलता की मिसाल बन गई है। इस लाइब्रेरी में पढ़ाई करने वाली छह बेटियों ने हरियाणा व पंजाब पुलिस समेत विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी हासिल की है...

Jind News: हरियाणा के जींद जिले के गांव सुदकैन कलां में दो साल पहले शुरू की गई एक छोटी-सी पहल अब बड़ा असर दिखा रही है। यहां बेटियों के लिए शुरू की गई लाइब्रेरी न सिर्फ पढ़ाई का सहारा बनी, बल्कि उनकी जिंदगी बदलने का जरिया भी बन गई। इसी लाइब्रेरी में पढ़ाई करने वाली छह लड़कियों ने हाल ही में हरियाणा और पंजाब पुलिस समेत कई सरकारी विभागों (government jobs) में नौकरी हासिल की है।

इस उपलब्धि के बाद गांव में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें अंतरराष्ट्रीय जाट धर्मशाला कुरुक्षेत्र के प्रधान कृष्ण श्योकंद ने इन बेटियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को स्मृति चिन्ह भी भेंट किए गए।

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इस लाइब्रेरी की शुरुआत कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय पूर्व छात्र एसोसिएशन और स्वतंत्र समूह सेवा समिति ने मिलकर की थी। उद्देश्य था – गांव की बेटियों को कोचिंग और पढ़ाई के लिए बाहर न जाना पड़े। इससे पहले छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं (competitive exams) की तैयारी के लिए नरवाना या उचाना जैसे शहरों में जाना पड़ता था। लेकिन अब सुदकैन कलां और आसपास के इलाकों की करीब 20 से ज्यादा लड़कियां इसी गांव की लाइब्रेरी में रेगुलर तैयारी कर रही हैं।

सरकारी नौकरी पाने वाली नीतू ने बताया कि इस लाइब्रेरी से उन्हें पढ़ाई का एक फोकस्ड और शांत माहौल मिला, जो पहले मुमकिन नहीं था। उन्होंने कहा कि घर के काम निपटाकर अब वे बिना किसी रुकावट के पढ़ाई कर पाती हैं। मोनिका, जो अब सरकारी नौकरी में चयनित हुई हैं, ने कहा कि लड़कियों को अगर सही मौके और माहौल मिल जाए, तो वे समाज में बड़ी पॉजिटिव चेंज ला सकती हैं।

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कार्यक्रम के दौरान कृष्ण श्योकंद ने बताया कि इस पूरी पहल का मकसद यही था कि बेटियों को गांव में ही क्वालिटी एजुकेशन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का प्लेटफॉर्म मिले। अब जब इसके नतीजे सामने आने लगे हैं, तो यह बाकी गांवों के लिए भी एक इंस्पिरेशनल मॉडल बन सकता है।

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